अल्मोड़ा। बाल मजदूरी के खिलाफ उत्तराखंड (सीएसीएल) की ओर से प्रदेश में बाल मजदूरी को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया गया। जिसमें विधानसभा चुनावों में प्रतिभाग कर रहे प्रत्याशियों से जीतने के बाद इस जरूरी मुद्दे पर सतत प्रयास करने की वचनबद्घता ली।
सीएसीएल की राज्य संयोजक नीलिमा भट्ट ने बताया कि उत्तराखंड में बालमजदूरी की स्थिति चिंताजनक है। 2011 की जनगणना के तहत उत्तराखंड में 55120 बच्चे किसी ना किसी प्रकार से बालमजूदरी करने को मजबूर हैं। कोविड के बाद से यह स्थिति और गंभीर हुई है। जबकि 18 साल से नीचे की उम्र की किसी भी बच्चे से कार्य करना दंडनीय है। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ सीएसीएल की ओर से राज्य के अल्मोड़ा, चमोली, उधमसिंह नगर, नैनीताल, देहरादून और उत्तरकाशी के 12 विधानसभाओं में अभियान चलाया गया। ग्राम एवं मोहल्ला स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को वास्तविक रूप से सक्रिय किए जाने की मांग की गई।

 

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