देहरादून, 03 फरवरी। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने सहसपुर ब्लॉक में आयोजित “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जी राम जी बिल-2025 पर आधारित कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और स्थानीय लोगों से संवाद कर सरकार की ग्रामीण रोजगार नीति की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने उद्यान विभाग द्वारा समूह की महिलाओं निःशुल्क पौध भी वितरण किया।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन को लेकर निरंतर योजनाएं लागू की जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में जवाहर रोजगार योजना से शुरू होकर यह व्यवस्था 2006 में नरेगा और 2009 में मनरेगा के रूप में मजबूत हुई। अब वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को 100 के बजाय 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना में निष्पक्ष वित्तीय प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें सामान्य राज्यों के लिए 60:40 तथा हिमालयी व पूर्वोत्तर राज्यों के लिए 90:10 का केंद्र-राज्य अनुपात तय किया गया है। साथ ही उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) को अनुमन्य कार्यों में शामिल किया गया है।मंत्री जोशी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मनरेगा को समाप्त करने की अफवाहें निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में योजना को और अधिक सशक्त बनाया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्रीय बजट 2026-27 में ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना’ की भी शुरुआत की जा रही है।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने यह भी बताया कि कृषि के व्यस्त समय—बुवाई और कटाई—के दौरान राज्य सरकार वर्ष में 60 दिन ऐसे तय कर सकेगी, जब योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा, जिससे खेती के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रह सकें। साथ ही जल जीवन मिशन के तहत निर्मित परिसंपत्तियों के रखरखाव को भी इस योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे का विकास, कृषि एवं आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता दी जाएगी। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार को और सशक्त करने के उद्देश्य से मनरेगा का बजट 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 95,692 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। के नए अवसर मिलेंगे।

कार्यशाला में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिलाध्यक्ष मीता सिंह, दायित्वधारी भुवन विक्रम डबराल, ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत, मंडल अध्यक्ष रवि कश्यप, लक्ष्मी अग्रवाल,यशपाल नेगी, सुखदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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