आज दिनांक 29/05/25 को उत्तरांचल पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा यूपीसीएल प्रबन्धन को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं के हित में पारित स्पष्ट आदेश के उपरांत भी अधिशासी अभियंता के पद पर पदोन्नतियों ना किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई।
एसोसिएशन द्वारा यह भी अवगत कराया कि अधिशासी अभियंता के कुल स्वीकृत पदों में से लगभग 40 पद रिक्त चल रहे हैं जिनके कारण कई अधिशासी अभियन्ता दोहरा एवं तिहरा कार्यभार देख रहे हैं जोकि कारपोरेशन की प्रगति के लिहाज से सही नहीं है।
माननीय हाई कोर्ट के आदेश एवं अनेक सफल वार्ताओं में आश्वासन के उपरांत भी पदोन्नति ना किया जाने से सीधी भर्ती के सहायक अभियंता भेद भाव महसूस कर रहे हैं। चूँकि पिछले दस वर्षों में एक भी सीधी भर्ती का सहायक अभियंता पदोन्नत नहीं हुआ है, एवं मात्र पदोन्नत सहायक अभियंता ही प्रोन्नति पायें है।
एसोसिएशन ने अवगत कराया कि अन्य संवर्ग का उत्तराखण्ड के मूल निवासियों की पदोन्नति न किए जाने जैसा कथन उचित नहीं है, जबकि सीधी भर्ती के सहायक अभियंता भी उत्तराखंड के ही मूल निवासी है। एवं इस प्रकार का कथन क्षेत्रवाद को बढ़ावा देना एवं राष्ट्रीय भावना के विरुद्ध है।
एसोसिएशन ने यह भी अवगत कराया कि अनैतिक दबाव बना रहे संवर्ग के हड़ताल या धरने पर जाने पर, उत्तरांचल पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन एवं उनके सदस्य अपना पूर्ण योगदान देकर विद्युत व्यवस्था एवं चार धाम यात्रा में किसी प्रकार का विघ्न नहीं आने देंगे।
साथ साथ ये भी चेताया कि यदि एसोसिएशन को ऐसा प्रतीत होता है कि यदि प्रबंधन किसी संवर्ग विशेष के दबाव में आकर पदोन्नति करता है तो प्रतिकार स्वरूप उत्तरांचल पॉवर इंजीनियर्स एसोसिएशन एवं सदस्यों को उसी क्षण आंदोलन हेतु बाध्य होना पड़ेगा।
